इंदिरा गांधी नहर परियोजना का थार मरुस्थल की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक संरचना पर प्रभाव : एक भौगोलिक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.48165/prakriti.2026.3.02.04Keywords:
थार मरुस्थल, भौगोलिक परिवेश, सांस्कृतिक संरचना, शस्य गहनता, जल प्रबंधन, ड्रेनेज सिस्टम, सतत विकासAbstract
इस क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर परियोजना, जो कि भारत ही नहीं विश्व की बड़ी परियोजनाओं में से एक है, के आने के पश्चात यहाँ के भौगोलिक परिवेश एवं सांस्कृतिक संरचना में बड़े परिवर्तन दिखाई देने लगे हैं। पानी की एक-एक बूंद को तरसने वालों के लिए एक विशाल नहर द्वारा पेयजल, पशुपालन व कृषि की भरपूर पैदावार मिलना किसी वरदान से कम नहीं है।
यहाँ नहर के आसपास की ग्रीन पट्टी/हरियाली वर्षा को आकर्षित करने लगी है, जिससे यहाँ वर्षा का औसत लगातार बढ़ता जा रहा है, आर्द्रता में वृद्धि हो रही है तथा तापमान अनुकूल हो रहा है। इससे क्षेत्र की जलवायु में सूक्ष्म परिवर्तन के संकेत नजर आने लगे हैं।
सिंचित क्षेत्र में वृद्धि होने से भूमि उपयोग में परिवर्तन स्पष्ट नजर आने लगा है। फसल विविधता एवं शस्य गहनता में वृद्धि दिखाई देने लगी है। अब यहाँ केवल बाजरे के स्थान पर गेहूँ, चावल, कपास, सरसों एवं बागवानी कृषि होने लगी है। पशुओं की उन्नत किस्म के पालन से डेयरी उद्योग विकसित हुआ है। मरुस्थलीकरण में कमी एवं हरित आवरण में वृद्धि हुई है।
भौगोलिक परिवर्तन ने यहाँ के सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित किया है। यहाँ नहर किनारे नवीन बस्तियों का निर्माण, प्रवास में कमी, जनसंख्या वृद्धि, आवास एवं बसावट प्रतिरूप में परिवर्तन, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार, रोजगार उपलब्धता से आर्थिक सुधार, बाहरी लोगों का बसना आदि से यहाँ सांस्कृतिक प्रदूषण एवं स्थानीय लोक संस्कृति छिन्न-भिन्न हो रही है, जिससे अनेक भौगोलिक एवं सांस्कृतिक समस्याएँ जन्म लेती जा रही हैं।
अतः जल प्रबंधन तकनीक, ड्रेनेज सिस्टम तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि को बढ़ावा देकर सतत विकास की ओर बढ़ा जा सकता है, अन्यथा प्रकृति कभी भी अपना विकराल रूप दिखा सकती है।
References
मल्होत्रा, एस. पी. (1978). सोसियो इकोनोमिक स्ट्रक्चर ऑफ पॉपुलेशन इन एरिड राजस्थान. काजरी।
आर. टी. के. (1983). इम्पैक्ट ऑफ राजस्थान केनाल प्रोजेक्ट ऑन सोशल, इकोनोमिक एंड एनवायरमेंटल कंडीशन. नई दिल्ली।
शर्मा, लक्ष्मीनारायण. (1985). शुष्क संभाग कृषि पारिस्थितिकी पर सिंचाई का प्रभाव [शोध अध्ययन]. राजस्थान विश्वविद्यालय।
करीम कोस्थे, एवं एम. एच. (1995). ग्रीनिंग द डेजर्ट (एग्रो-इकोनोमिक इम्पैक्ट ऑफ आई. जी. केनाल). रेनेसाँस पब्लिकेशन।
मीना, वी. पी. (2000). डेजर्ट इकोलॉजी. पॉइंटर पब्लिशर्स।
सिंह, महिपाल, एवं सिहाग, सबीता. (2004). इंदिरा गाँधी नहर: सतत विकास. राजस्थानी ग्रंथागार।
सक्सेना, हरिमोहन. (2010). राजस्थान का भूगोल. रावत प्रिंटर्स एंड स्टेशनर्स।
गुप्ता, मोहनलाल. (2011). जोधपुर संभाग का जिलेवार सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक अध्ययन. राजस्थानी ग्रंथागार।
शर्मा, चंदन मल. (2014). बाड़मेर जिले में जलवायु परिवर्तन का वायु स्थलाकृति एवं कृषि पारिस्थितिकी पर प्रभाव [शोध प्रबंध]. राजस्थान विश्वविद्यालय।
शर्मा, एन. एस., एवं शर्मा, एम. एल. (2017). राजस्थान का भूगोल. शीतल प्रिंटर्स।
शर्मा, चंदन मल. (2020). मरुधरा में जलवायु परिवर्तन एवं कृषि पारिस्थितिकी. श्री बालाजी पब्लिकेशन।
आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय, राजस्थान. (n.d.). जिला सांख्यिकीय रूपरेखा.
https://www.youtube.com/playlist?list=PLF21-v0nJfpSZL5DmukE4hbGPZaEUdO02

